भारत सरकार ट्रैक्टरों के लिए नए उत्सर्जन मानक (Emission Norms) TREM V लागू करने जा रही है। अगर आप 50 HP से ऊपर का शक्तिशाली ट्रैक्टर खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

हम इसको विस्तार में समझेंगे की किस तरह से यह नियम लागू होंगे और कौन-कौन से ट्रैक्टर्स पर लागू होने वाला है तो इसके बारे में पूरी जानकारी को पढने और समझने के लिए बने रहे आखरी तक ….

क्या हैं ट्रैक्टरों के लिए नए TREM V एमिशन नियम?

जैसे हमारे देश में कार और बाइक से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए BS6 मानक लागू हैं, ठीक उसी तरह खेती में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टरों के लिए भी सरकार ने TREM (Tractor Emission Norms) के कड़े नियम बनाए हैं। वर्तमान में चर्चा का विषय TREM Stage V है, जो ट्रैक्टर इंजन तकनीक में एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहा है।

मतलब की आम भाषा में बात करे तो यह नियम हम किसान भाइयों के लिए बनायें गए है इस नियम से होगा यह की जो ट्रैक्टर्स पहले थोड़े टाइम में ही धुँआ देने लग जाता था अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि इस नियम से सभी ट्रैक्टर्स कम्पनी ऐसे ट्रैक्टर्स इंजन तैयार करेगी जिससे की धुँआ बिलकुल ना दे ताकि धुएं से होने वाले नुकसान से बचा सके।

TREM V नियम असल में क्या हैं?

क्या है TREM V नॉर्म्स? जानें 50HP+ ट्रैक्टरों की कीमतों पर इसका असर और क्यों जरूरी है अभी ट्रैक्टर खरीदना

साधारण शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी सरकारी गाइडलाइन है जो यह तय करती है कि एक ट्रैक्टर का इंजन हवा में कितना धुआं (Particulate Matter) और हानिकारक गैसें (Nitrogen Oxides) छोड़ सकता है। TREM V अब तक का सबसे आधुनिक और सख्त नियम है। इसका मुख्य लक्ष्य खेती को और अधिक पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) बनाना है।

इस नए अपडेट में क्या खास है?

  1. पांचवां पड़ाव: यह भारत में ट्रैक्टर उत्सर्जन मानकों का पांचवां चरण (Stage 5) है। इससे पहले हम TREM III और TREM IV को देख चुके हैं।
  2. इंटरनेशनल स्टैंडर्ड: इस नियम के लागू होते ही भारतीय ट्रैक्टर इंजन तकनीक के मामले में सीधे यूरोप (Stage V) और अमेरिका (Tier 4) जैसे विकसित देशों की बराबरी कर लेंगे।
  3. आधुनिक तकनीक: इन नियमों का पालन करने के लिए ट्रैक्टर कंपनियों को इंजन में CRDI (Common Rail Direct Injection) और DPF (Diesel Particulate Filter) जैसी हाई-टेक मशीनरी लगानी होगी, जिससे प्रदूषण लगभग न के बराबर होगा।

50 HP+ ट्रैक्टरों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट (2026)

ताजा जानकारी के अनुसार, सरकार 75 HP से ऊपर के भारी ट्रैक्टरों के लिए अक्टूबर 2026 से इन नियमों को अनिवार्य कर सकती है। वहीं, जो किसान 50 से 75 HP का ट्रैक्टर इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सका है।

50 HP+ ट्रैक्टरों पर इसका क्या असर होगा?

वर्तमान में 50 HP से ऊपर के ट्रैक्टरों पर TREM IV लागू है। सरकार के नए ड्राफ्ट के अनुसार, 75 HP से ऊपर के बड़े ट्रैक्टरों के लिए अक्टूबर 2026 से TREM V अनिवार्य हो जाएगा। वहीं, 50-75 HP की श्रेणी को साल 2032 तक की राहत दी गई है।

ध्यान दें: हालांकि 50-75 HP के लिए डेडलाइन लंबी दी गई है, लेकिन सभी ट्रेक्टर कंपनियां धीरे-धीरे यह तकनीक अपडेट कर रही हैं, जिससे कीमतों में बदलाव शुरू हो गया है।

कीमतों में कितनी बढ़ोतरी होगी?

TREM V नियम को पूरा करने के लिए सभी ट्रेक्टर कंपनिया ट्रेक्टर के इंजन में DPF (Diesel Particulate Filter) और SCR (Selective Catalytic Reduction) जैसी महंगी तकनीकों का इस्तेमाल करना होगा। जिससे धुएं से

  • संभावित वृद्धि: जानकारों के अनुसार, नए मानकों वाले ट्रैक्टर 10% से 20% तक महंगे हो सकते हैं।
  • अनुमानित राशि: बड़े ट्रैक्टरों की कीमतों में 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक का उछाल आ सकता है।

अभी ट्रैक्टर खरीदना क्यों जरूरी है? (बचत का मौका)

अगर आप आने वाले कुछ महीनों में ट्रैक्टर लेने का मन बना रहे हैं, तो ‘अभी यह सही समय क्यों है?

  1. पुरानी कीमतों का लाभ: नए नियम लागू होने के बाद कंपनियां पुराने स्टॉक और पुरानी तकनीक वाले ट्रैक्टर बेचना बंद कर देंगी। अभी खरीदने पर आप 1 लाख रुपये से ज्यादा की बचत कर सकते हैं।
  2. कम मेंटेनेंस: TREM V तकनीक वाले ट्रैक्टरों में सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक्स ज्यादा होंगे, जिससे उनका सर्विस खर्च बढ़ सकता है। वर्तमान मॉडल (TREM IV या III) किसानों के लिए मैकेनिकली सरल और सस्ते हैं।
  3. सब्सिडी और ऑफर्स: मई-जून के सीजन में कई बैंक (जैसे SBI, HDFC) 100% लोन और कम ब्याज दरों के ऑफर दे रहे हैं।

निष्कर्ष

TREM V पर्यावरण के लिए तो अच्छा है, लेकिन यह किसानों की जेब पर भारी पड़ सकता है। यदि आप खेती या कमर्शियल काम के लिए 50 HP+ का दमदार ट्रैक्टर देख रहे हैं, तो कीमत बढ़ने से पहले अपना पसंदीदा मॉडल बुक जरुर कर दें यह एक समझदारी भरा फैसला होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: TREM V नॉर्म्स क्या हैं और ये भारत में कब लागू हो रहे हैं?

उत्तर: TREM V ट्रैक्टरों के लिए बनाया गया सबसे लेटेस्ट उत्सर्जन मानक (Emission Standard) है। सरकारी ड्राफ्ट के अनुसार, 75 HP से ऊपर के बड़े ट्रैक्टरों के लिए यह नियम 1 अक्टूबर 2026 से अनिवार्य किया जा रहा है।

प्रश्न 2: क्या TREM V लागू होने से ट्रैक्टर की माइलेज कम हो जाएगी?

उत्तर: नहीं, बल्कि इसके विपरीत नई तकनीक जैसे इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट (ECU) और बेहतर फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम की मदद से ट्रैक्टर का माइलेज और इंजन की कार्यक्षमता (Efficiency) पहले से बेहतर होने की उम्मीद है।

प्रश्न 3: 50 HP से कम वाले ट्रैक्टरों पर TREM V का क्या असर होगा?

उत्तर: फिलहाल सरकार का मुख्य फोकस 50 HP से ऊपर के भारी ट्रैक्टरों पर है। 50 HP से कम के ट्रैक्टरों के लिए मौजूदा नियम ही लागू रहेंगे, इसलिए छोटे और मध्यम ट्रैक्टरों की कीमतों में बहुत बड़े बदलाव की संभावना कम है।

प्रश्न 4: नए TREM V ट्रैक्टरों की सर्विस और मेंटेनेंस क्या महंगी होगी?

उत्तर: हाँ, क्योंकि इन ट्रैक्टरों में DPF (डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर) और एडब्ल्यू (AdBlue) जैसे आधुनिक सिस्टम इस्तेमाल होंगे। इनकी सर्विस के लिए एडवांस डायग्नोस्टिक टूल्स की जरूरत होगी, जिससे मेंटेनेंस खर्च में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

प्रश्न 5: क्या पुराने ट्रैक्टरों को चलाने पर प्रतिबंध लग जाएगा?

उत्तर: बिल्कुल नहीं। यह नियम केवल नए बनने वाले और बिकने वाले ट्रैक्टरों पर लागू होता है। आपके पास पहले से मौजूद पुराने ट्रैक्टरों को आप बिना किसी परेशानी के चला सकते हैं।

प्रश्न 6: TREM V ट्रैक्टरों की पहचान कैसे करें?

उत्तर: आमतौर पर कंपनियां नए इंजन वाले ट्रैक्टरों की बॉडी पर ‘CRDe’ या ‘TREM V’ की ब्रांडिंग करती हैं। खरीदने से पहले आप डीलरशिप पर ट्रैक्टर के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) या इंजन प्लेट पर ‘Emission Stage’ चेक कर सकते हैं।