Old Tractor Rules 2026
Old Tractor Rules 2026: हाल ही में सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स में एक खबर बिजली की तरह फेल रही है – “क्या सरकार 10 साल पुराने ट्रैक्टरों को बंद करने जा रही है?” इस खबर ने देश के सभी करोड़ों किसानों की रातों की नींद उड़ा रही है। अगर आपके पास भी पुराना ट्रैक्टर है, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है।
आज कल हमें निरंतर लोग सर्च कर रहे है कि 10 year old tractor ban news की क्या न्यूज़ है और Tractor scrappage policy 2026 इस तरह इंग्लिश में भी सर्च देखने को मिल रहे है तो आज हम इसी के बारे में बात करने वाले है की आखिर ये क्या और नियम कैसे काम करेंगे।
क्या सच में ट्रैक्टर बंद होने वाले हैं? (The Ground Reality)
सबसे पहले हम आपको बता दें की भारत सरकार ने अचानक से 10 साल पुराने ट्रैक्टर्स पर कोई बेंन नहीं लगाया है। लेकिन पुराने ट्रैक्टर के नियम में बहुत कुछ बड़े बदलाव हुए हैं जिन्हें समझना जरूरी है: –
- NCR का नियम (Delhi-NCR Rules): यह नियम नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश के अनुसार है, दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों (NCR) में 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर कड़ी पाबंदी है। हालांकि, किसानों की मांगों पर हरियाणा की सरकार ने 30 जून 2025 तक ट्रैक्टरों को इस नियम से छूट दी थी। 2026 में इस छूट के आगे बढ़ने या कड़े नियम आने की संभावना पर चर्चा की जा रही है।
- स्क्रैपेज पॉलिसी 2026 (Scrappage Policy): हरियाणा सरकार की नई ‘स्वैच्छिक वाहन स्क्रैपेज पॉलिसी’ उम्र के बजाय “फिटनेस” पर ध्यान नहीं देती है। यानी अगर आपका ट्रैक्टर 15 साल पुराना भी है लेकिन वह फिटनेस टेस्ट पास कर लेता है, तो आप उसे चला सकते हैं, और उसको आप चाहो तब तक रख सकते है।
Old Tractor Scrappage Policy India (TREM V): 1 अप्रैल 2026 से क्या बदलेगा?
सरकार 1 अप्रैल 2026 से नए नियम ‘TREM V‘ एमिशन नॉर्म्स लागू करने की तैयारी में है।
- इसका असर आपके पुराने ट्रैक्टर पर नहीं पड़ेगा, लेकिन नए ट्रैक्टर खरीदना 15-20% महंगा भी हो सकता है।
- कंपनियों को अब इंजन में ऐसी तकनीक लगानी होगी जिससे प्रदूषण कम हो, जो छोटे किसानों की जेब पर भारी पड़ सकता है, यह मानलो की अगर न्यू कंडीशन और नई तकनिक से इंजन को बनाया जायेगा तो इसका पूरा असर हम किसान भाइयों पर जरुर पड़ेगा।
अगर आपका ट्रैक्टर 10 साल पुराना है, तो क्या करें?
- फिटनेस सर्टिफिकेट (RC Renewal): अगर आपका ट्रैक्टर 15 साल का होने वाला है, तो उसकी आरसी (RC) रिन्यू करवाएं। फिटनेस पास होने पर आप उसे अगले 5 साल तक और चला सकेंगे, इस तरह आप अपने पुराने ट्रेक्टर को न्यू की तरह चला सकते है और इससे कोई रोक टोक भी नहीं होगी।
- मेंटेनेंस पर ध्यान दें: धुआं छोड़ने वाले ट्रैक्टरों पर प्रशासन की नजर में जल्दी पड़ती है। इसलिए समय पर सर्विस और एयर फिल्टर की सफाई करवाते रहें।
निष्कर्ष (Final Verdict):
फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार पुराने ट्रैक्टरों को सीधे जब्त नहीं कर रही है, लेकिन प्रदूषण के नियमों को कड़ा किया जा रहा है। Tractoryatri.com की सलाह है कि आप अपने ट्रैक्टर के दस्तावेज (Papers) दुरुस्त रखें और अफवाहों से बचें, और हमारे इस वेबसाइट पर आपको ट्रैक्टर्स की सभी न्यूज़ और ट्रैक्टर्स की जानकारी लेट रहते है इसलिए किसी भी ट्रैक्टर्स के बारे में देखने से पहले एक बार वेबसाइट जरुर विजिट करें।
FAQ: यह ऐसे सवाल है जो की किसान भाइयों के मन में बने हुए हैं?
प्रश्न 1: क्या 10 साल पुराने ट्रैक्टर को अब नहीं चलाया जा सकता?
उत्तर: ऐसा नहीं है। पूरे भारत में 10 साल पुराने ट्रैक्टरों पर प्रतिबंध नहीं है। सिर्फ दिल्ली-NCR क्षेत्र में डीजल वाहनों के लिए सख्त नियम हैं। बाकी राज्यों में अगर आपका ट्रैक्टर ‘फिटनेस टेस्ट’ पास कर लेता है, तो आप उसे 15 साल या उससे ज्यादा समय तक भी चला सकते हैं।
प्रश्न 2: ट्रैक्टर की फिटनेस कितने साल के लिए मान्य होती है?
उत्तर: नए ट्रैक्टर की आरसी (RC) 15 साल के लिए बनती है। इसके बाद, आपको हर 5 साल में ट्रैक्टर की फिटनेस करानी होती है और आरसी को रिन्यू (Renew) करवाना पड़ता है।
प्रश्न 3: सरकार की ‘स्क्रैपेज पॉलिसी’ क्या है?
उत्तर: यह एक ऐसी पॉलिसी है जहाँ आप अपना बहुत पुराना या कबाड़ हो चुका ट्रैक्टर सरकार को देकर उसे ‘स्क्रैप’ (नष्ट) करवा सकते हैं। इसके बदले आपको एक सर्टिफिकेट मिलता है, जिससे नया ट्रैक्टर खरीदने पर आपको रजिस्ट्रेशन फीस में भारी छूट मिलती है।
प्रश्न 4: क्या 2026 में ट्रैक्टर खरीदना महंगा हो जाएगा?
उत्तर: जी हाँ, 1 अप्रैल 2026 से नए TREM V एमिशन नॉर्म्स लागू होने की संभावना है। इन नियमों के कारण कंपनियों को इंजन में आधुनिक तकनीक लगानी होगी, जिससे नए ट्रैक्टरों की कीमतें 10% से 20% तक बढ़ सकती हैं।
प्रश्न 5: क्या पुराने ट्रैक्टर को नया बनाने का कोई तरीका है?
उत्तर: अगर आप अपने ट्रैक्टर का समय पर मेंटेनेंस करते हैं, धुआं कम निकलता है और टायर-इंजन की स्थिति अच्छी है, तो वह आसानी से फिटनेस टेस्ट पास कर लेगा और सरकारी नियमों की चपेट में नहीं आएगा।